लॉकडाउन के बाद कौन सी नौकरियाँ रहेंगी सुरक्षित

कोरोना जहाँ व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा रहा है वहीं कोरोना के कारण विश्व के सभी देशों की अर्थयवस्था में भी भारी गिरावट देखने को मिली है। अब कई लोगों के मन में यह सवाल है कि जब लॉकडाउन खुलेगा फिर उसके बाद कौन सी नौकरियाँ सुरक्षित होंगी? तो आइये देखते हैं कि लॉक डाउन के बाद किस प्रकार की और कौन सी नौकरियाँ सुरक्षित रहेंगी।

  • कृषि तकनीक:

कृषि तकनीक के क्षेत्र में लॉकडाउन के बाद बहुत तेजी से नौकरियों की बढ़ोत्तरी होगी। और कृषि एक ऐसा क्षेत्र है जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी की तरह कार्य करेगा। यह एक क्षेत्र ऐसा है जिसमें सरकार भी निवेश करेंगी। इसकी वजह से मजदूर वर्ग को भी रोजगार मिलेगा।

  • शिक्षा विभाग में:

इस समय शिक्षा के लिए राज्य सरकारों ने ऑनलाइन क्लासेज शुरू कर दी हैं। इससे अब शिक्षा का स्तर और भी ज्यादा उच्च हो गया है। और इसे कायम रखने के लिए इस क्षेत्र में नौकरियाँ रफ़्तार पकड़ेंगी। बेहतर मैनेजमेंट एवं अच्छी तकनीक को बरक़रार रखने के लिए शिक्षा विभाग को नौकरियाँ निकलना ही पड़ेंगी।

  • कॉल सेण्टर:

यह सभी बड़ी कंपनियों का बहुत अहम् हिस्सा होता है। जैसे ही लॉकडाउन खुलेगा सभी बड़ी कंपनी के कॉल सेण्टर में हजारों की संख्या में नौकरियाँ निकलेंगी। जिससे कि उपभोगताओं की कई प्रकार की समस्याओं को सुना जा सके और उनका समाधान किया जा सके।

  • स्वदेशी कंपनियों में निकलेगी नौकरियाँ:

इस समय या फिर लॉकडाउन के बाद देश की अर्थव्यवस्था सुधरने में समय लगेगा और इसका असर आयात और निर्यात पर भी पड़ेगा। और केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार दोनों की कोशिश यही रहेगी कि देश में स्वदेशी सामानों का अधिक से अधिक उपयोग हो। और इसी वजह से देश में स्वदेशी सामानों का प्रोडक्शन अधिक होगा और इसके लिए लोगों की आवश्यकता भी अधिक होगी। तो इस क्षेत्र में भी नौकरियाँ बढ़ने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में नौकरियाँ लॉकडाउन के बाद बढ़ना तय है। क्योंकि इनसे ही देश की अर्थव्यवस्था जुडी हुई है सबसे ज्यादा स्वदेशी सामान एवं कृषि। ये दो ऐसे क्षेत्र हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को सम्हालने में अहम् भूमिका निभाएंगे।