कोरोना के दौरान फिजिकल डिस्टन्सिंग के साथ खुश रहने के तरीके

कोरोना के दौरान फिजिकल डिस्टन्सिंग को सकारत्मक रूप से भी ले सकते हैं। पहली बात तो यह वो वक्त हैं जहाँ आप अपने परिवार के साथ समय बिता सकते हैं। आपको मौका मिल रहा है कि आप घर बैठ कर काम करें और अपने परिवार को अपना समय दें और ख़ुशी के उन पलों को महसूस करें जो शायद नौकरी और रोज की भागदौड़ के चलने आप खो रहे थे। तो यहाँ हम देखेंगे कि कोरोना के दौरान फिजिकल डिस्टन्सिंग के साथ आप कैसे खुश रह सकते हैं।

छोटी-छोटी चीज़ों में ख़ुशी देखें:

जी हाँ हमारे जीवन में कई ऐसी चीज़ें होती है जो हम रोज की भागदौड़ के चलते नज़रअंदाज कर देते हैं। जैसे टीवी देखना, किताब पढना इत्यादि। तो यह बहुत ही अच्छा समय है जहाँ आप अपना पसंद का शो टीवी पर देख सकते हैं या फिर किताब पढ़ सकते हैं या आप कुछ और करना चाहते हैं जैसे पेंटिंग, कुकिंग या फिर कोई आर्ट वो भी कर सकते हैं। इन सभी कार्यों को करने से आपकी फिजिकल डिस्टन्सिंग भी बनी रहेगी और आपको ख़ुशी भी मिलेगी।

चीज़ों की देखरेख करें:

जी हाँ ये ऐसा समय है जब आप अपने घर में परिवार को तो समय दे ही सकते हैं साथ ही आप अपने घर और अपनी चीज़ों की देखरेख कर सकते हैं। अपने कपड़ों, अपनी अलमारी, अपनी किताबें या कई ऐसी चीज़ें जिनके लिए आपको समय नहीं मिल पा रहे थे उनकी देखरेख करें। इससे अच्छा समय आपको फिर नहीं मिलेगा। हो सकता है जब आप सफाई कर रहे हों तो आपको कुछ ऐसी चीज़ें मिले जिससे आपको कुछ पुराने दिन याद आ जाएँ, वो आपको एक अलग ही ख़ुशी की अनुभूति देंगे। इससे भी आपकी फिजिकल डिस्टन्सिंग बरक़रार रहेगी।

इस तरह से आप कोरोना के दौरान फिजिकल डिस्टन्सिंग का पालन करते हुए खुश रह सकते हैं। ये वह समय है जब आप अपनी कलाओं को निखार सकते हैं। जब आप नौकरी के लिए अपने ऑफिस जाते होंगे तो आपको वहाँ जाने में कुछ समय लगता होगा, अब वो समय आपका बच रहा है तो उस समय को अपनी रूचि में व्यतीत करें। आपको ख़ुशी की अनुभूति जरूर होगी और आप इस समय को भी मज़े से निकाल लेंगे।