कोरोना किस तरह हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर असर कर रहा है?

कोरोना ने तो पूरे विश्व को तोड़ कर रख दिया है। विश्व भर में कोरोना के मरीज बढ़ते जा रहे हैं और यह महामारी लोगों को मानसिक रूप से हानि पहुँचा रही है। WHO की रिपोर्ट में भी कई लक्षणों को सामने लाया गया है जैसे:

  • डिप्रेशन एवं व्याकुलता:

कोरोना के मरीजों में डिप्रेशन एवं व्याकुलता देखने के लिए मिली है। इसे कोरोना का मुख्य लक्षण भी माना गया है। अगर किसी भी व्यक्ति में यह लक्षण दिखाई दे रहा है तो उसे अपनी जाँच करवाना चाहिए जिससे कि स्थिति को भाँपा जा सके एवं समय पर इलाज किया जा सके।

  • घबराहट:

महिलाओं और 35 तक की आयु के लोगों में घबराहट जैसे लक्षण अधिक देखे गए हैं। कई मरीजों में ये लक्षण देखने के लिए मिले इसलिए इन्हें भी कोरोना के लक्षणों में शामिल किया गया है। कई मरीजों ने इन लक्षणों का खुलासा किया है।

  • कोविद -19 से बचने के उपाय:

जैसा कि हमने देखा है कि कोरोना में इस प्रकार के लक्षण देखने के लिए मिल रहे हैं तो इसके लिए सरकार द्वारा कई प्रकार के निर्देश दिए जा रहे हैं। अगर हम उन निर्देशों का पालन करते हैं तो कोरोना  से जंग जीतना संभव होगा।  जैसे:

  • लोगों से दूर रहकर बात करें।
  • मुँह को बार-बार छूने से बचें।
  • अपने हाथों को बार-बार धोते रहें।
  • हेंड सेनेटिज़ेर का उपयोग करें।
  • घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग करें।
  • सब्जियों को अच्छे से पकाएं।

इस तरह से स्वयं का ध्यान रखें। अगर मानसिक स्वास्थ्य की बात करें तो अगर कोई भी व्यक्ति मानसिक रूप से स्वस्थ्य नहीं है तो उसे क्या परेशानी हो रही है यह पहचानना कभी-कभी मुश्किल हो जाता है। मानसिक रोग के कुछ सामान्य लक्षण होते हैं जैसे डेथ के बारे में सोचना या फिर आत्महत्या के बारे में सोचना, या आत्महत्या की योजना बनाना। वहीं अगर कोई व्यक्ति चिंता में है तो उसके लक्षण पहचानना आसान हो जाता है। क्योंकि इसके लक्षण छुपते नहीं है न ही व्यक्ति इन्हें नियंत्रित कर सकता है। कोरोना में भी चिंता और डिप्रेशन के लक्षण लोगों में देखने को मिले हैं। और सिर्फ भारत में ही नहीं विश्व के कई देशों में कोरोना के मरीजों में ये लक्षण दिखाई दिए हैं। इसलिए अगर आपको भी डिप्रेशन या चिंता के लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आप इसकी जाँच अवश्य कराएं और स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।