क्या आप जानते हैं वॉक मेडिटेशन के फायदे?

वैसे तो हम सभी जानते हैं कि मैडिटेशन के बहुत फायदे हैं लेकिन क्या आपने कभी वॉक मैडिटेशन के बारे में सुना है? वॉक मैडिटेशन का उद्भव बुद्ध धर्म से हुआ है। एवं इसे एक मनन अभ्यास के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसके अनेक फायदे हैं जैसे:

रक्त प्रवाह उम्दा होता है:

ये तो सभी जानते हैं कि अगर शरीर में रक्त प्रवाह सही हो तो कई बीमारियाँ दूर होती है। वॉक मैडिटेशन करने से रक्त प्रवाह उम्दा होता है और इसका सबसे अधिक प्रभाव पैरों पर पड़ता है। इससे सुस्ती और अस्थिरता की परेशानी भी दूर होती है।

पाचन शक्ति में सहायक:

व्यक्ति की आधी बीमारियाँ पाचनतंत्र ख़राब होने के कारण होता है। लेकिन अगर आप वॉक मैडिटेशन करते हैं तो आपका पाचनतंत्र सुधरता है।

चिंता एवं तनाव को दूर करने में सहायक:

वॉक मैडिटेशन एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा किसी भी प्रकार की चिंता को दूर किया जा सकता है। अगर कोई व्यक्ति प्रतिदिन वॉक मैडिटेशन करता है तो वह चिंता जैसी समस्याओं से दूर हो जाता है। इससे तनाव स्तर को कम किया जाना संभव है। इसके कई सकारात्मक प्रभाव देखे गए हैं एवं कम से कम 10 मिनिट तक यह वॉक मैडिटेशन करना चाहिए।

रक्त शर्करा के स्तर और परिसंचरण को नियंत्रित करता है:

आज के समय में हम देखते हैं कि लोग मधुमेह जैसी समस्याओं से बहुत अधिक पीड़ित हैं और इसके कारण कई अन्य बीमारियाँ भी शरीर को घेर लेती हैं। लेकिन अगर आप वॉक मैडिटेशन करते हैं तो रक्त शर्करा के स्तर और परिसंचरण को नियंत्रित किया जाना संभव है और इससे मुधुमेह जैसी समस्याओं को दूर किया जाना संभव है। इसके लिए एक सप्ताह में 3 बार 30 मिनिट के लिए वॉक मैडिटेशन करना है और ऐसा 12 सप्ताह तक करना है।

अवसाद को दूर करने में सहायक:

आज के समय में तो लोग जिम जाकर व्यायाम करके तनाव को कम कर लेते हैं लेकिन पहले के समय में ऐसा नहीं होता था तो उस समय वॉक मैडिटेशन का सहारा लिया जाता था। सप्ताह में 3 बार 30 मिनिट के लिए वॉक मैडिटेशन करने से तनाव और अवसाद को दूर किया जाना संभव है।

अनिद्रा को दूर करने में सहायक:

कई लोगों को नींद न आने की बीमारी होती है जिसके लिए लोग दवाओं का सेवन करते हैं जिनके कई प्रकार के दुष्प्रभाव है। अगर व्यक्ति वॉक मैडिटेशन करें तो अनिद्रा जैसी परेशानियों को भी आसानी से दूर किया जा सकता है।

इस प्रकार से वॉक मैडिटेशन के कई फायदे हैं। और कई सालों से इन्हें अपनाया जाता रहा है। जितने भी बड़े-बड़े मैडिटेशन सेंटर हैं जैसे विपसना एवं थेरावदा  इन सभी में वॉक मैडिटेशन को विशेष महत्व दिया गया है।

वॉक मैडिटेशन करने का तरीका होता है जैसे:

  • सबसे पहले 5 से 10 मिनिट के लिए मैडिटेशन करें और सांसों को नियंत्रित करने की कोशिश करें इसके बाद फिर वॉक करें फिर अंत में इसका विपरीत करें।
  • सप्ताह में 3 बार 30 मिनिट के लिए वॉक मैडिटेशन करें और ऐसा 12 सप्ताह के लिए करें।
  • धीरे-धीरे आप अपना समय बढाएं।
  • अगर आपको सांस लेने में कोई परेशानी हो तो आप अपने चलने की गति थोड़ी कम कर दें।

वॉक मैडिटेशन के अन्गोनत फायदे हैं इसे अपनाकर जरूर देखें।